The melody is hauntingly beautiful, with delicate acoustic guitar riffs, subtle electronic elements, and a soft, steady percussion that underlines the introspective nature of the track.
Composer | Sachin |
Lyricist | Sameer |
Singer | Atif Aslam |
Album | Prince |
Record Label | Atif Aslam |
Song Release Year |
अनजानी सी ख़्वाहिश है
अनजाना है अफ़साना
ना मेरी कोई मंज़िल है
ना कोई है ठिकाना
ओ, अनजानी सी ख़्वाहिश है
अनजाना है अफ़साना
ना मेरी कोई मंज़िल है
ना कोई है ठिकाना
कौन हूँ मैं, किस की मुझे तलाश?
कौन हूँ मैं, किस की मुझे तलाश?
इन सूनी-सूनी तनहा राहों पर
(Who am I?)
(Who, who am I?)
बहके-बहके से पलछिन हैं
होश में भी मदहोशी है
मुझको सुनाई देती है
ये कैसी ख़ामोशी है?
(Who, who am I?)
बहके-बहके से पलछिन हैं
होश में भी मदहोशी है
मुझको सुनाई देती है
ये कैसी ख़ामोशी है?
कौन हूँ मैं, किस की मुझे तलाश?
कौन हूँ मैं, किस की मुझे तलाश?
इन सूनी-सूनी तनहा राहों पर
कोई भी तो जाने ना
आलम मेरी तनहाई का
पीछा करता रहता हूँ
मैं तो अपनी परछाई का
कोई भी तो जाने ना
आलम मेरी तनहाई का
पीछा करता रहता हूँ
मैं तो अपनी परछाई का
कौन हूँ मैं, किस की मुझे तलाश?
कौन हूँ मैं, किस की मुझे तलाश?
इन सूनी-सूनी तनहा राहों पर