Ka tain roop nikhare

Ka tain roop nikhare

Ka Tain Roop Nikhare is a captivating Chhattisgarhi folk song that celebrates the beauty and charm of a beloved. The song's gentle and enchanting melody, enriched by traditional instruments like the harmonium, dholak, and flute, creates a soothing and romantic atmosphere. The lyrics, full of poetic admiration, vividly describe the beloved's captivating appearance, making it a heartfelt expression of love and adoration. This song is commonly performed at cultural events and gatherings, showcasing the rich traditions and romantic spirit of Chhattisgarh's musical heritage. "Ka Tain Roop Nikhare" resonates deeply with listeners, celebrating the elegance and beauty that is cherished in the region's folk music

Song Details
ComposerNitin Dubey
LyricistBudhraj Chouhan
SingerNitin Dubey,Champa Nishad
AlbumKa tain roop nikhare
Record LabelSundrani Music
Song Release Year2019
Song Links
Ka tain roop nikhare Lyrics in Chhattisgarhi

हे हे हे हे हे हे
आहा हा हा हा

का तैं रूप निखारे चंदैनी
चेहरा हीरा सही झिलमिलावथे रे

का तैं रूप निखारे चंदैनी
चेहरा हीरा सही झिलमिलावथे रे
चंदा सही जगमगावथे रे

जोन गली निकले रात रानी
केतकी केवड़ा सही महमहावथे रे
मोंगरा सही महमहावथे रे

प्रेम नगर के राजकुमारी
तोर होंठ पुजा के थारी
प्रेम नगर के राजकुमारी
तोर होंठ पुजा के थारी

तोर खुशबू मा मन गुदगुदावथे रे
गुदगुदावथे

मन ला मोही डारे मन मतौना
मोला बही बरन मन हा लागथे रे
बही बरन मन हा लागथे

गजब कशिश हे तोर दिलकश अदा मा
हाय रे पतरेंगी
रेशमी रेशमी चुम लेतेव तोर बदन गुलाबी
गजब कशिश हे तोर दिलकश अदा मा
हाय रे पतरेंगी
रेशमी रेशमी चुम लेतेव तोर बदन गुलाबी

मोर मया के तैही खजाना
दिल मा लिखे तोरे अफसाना
मोर मया के तैही खजाना
दिल मा लिखे तोरे अफसाना
कस्तूरी बदन बहकावथे रे
बहकावथे

मन ला मोही डारे मन मतौना
मोला बही बरन मन हा लागथे रे
बही बरन मन हा लागथे

लाखो हजारो मा नई हे
कोनो तोर जैसे दीवाना
कंठ मा जादू तोर सांस के
सरगम मा मोला बसाना
लाखो हजारो मा नई हे
कोनो तोर जैसे दीवाना
कंठ मा जादू तोर सांस के
सरगम मा मोला बसाना

बन जा मोर मयारू जोड़ी
बांध ले मया के डोरी
बन जा मोर मयारू जोड़ी
बांध ले मया के डोरी
मोर मन के कोयली गीत गावथे रे
गीत गावथे

का तैं रूप निखारे चंदैनी
चेहरा हीरा झिलमिलावथे रे
चंदा सही जगमगावथे रे

मन ला मोही डारे मन मतौना
मोला बही बरन मन हा लागथे रे
बही बरन मन हा लागथे रे